मंथन- A Review

सफलता उसके पास आती है, जो साहस के साथ कार्य करते हैं। लेकिन जो परिणामों पर विचार करके ही भयभीत रहते हैं उनके पास कम आती है।

19 Posts

161 comments

ushataneja


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

जिज्ञासा

Posted On: 8 Sep, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

7 Comments

“नव परिवर्तनों के दौर में हिंदी ब्लॉगिंग” Contest

Posted On: 5 Sep, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (5 votes, average: 3.80 out of 5)
Loading ... Loading ...

Contest में

16 Comments

सामाजिक सोच -कितनी ज़िम्मेदार? Jagran junction Forum

Posted On: 2 Sep, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Junction Forum social issues में

4 Comments

अकेले तुम + अकेले हम = आओ साथ चलें !

Posted On: 1 Sep, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others lifestyle social issues में

6 Comments

गीत

Posted On: 17 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

8 Comments

जिद्दी। बहुत जिद्दी।

Posted On: 3 Jan, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others लोकल टिकेट में

2 Comments

Page 2 of 2«12

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: bhanuprakashsharma bhanuprakashsharma

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: sanjay kumar garg sanjay kumar garg

के द्वारा: ushataneja ushataneja

के द्वारा: ushataneja ushataneja

के द्वारा: sanjay kumar garg sanjay kumar garg

के द्वारा: ushataneja ushataneja

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: Bhagwan Babu Bhagwan Babu

आपने ठीक कहा है , जब तक हमारे देश के अगुआ ,लीडर ,नेता , मंत्री एवं परधान मंत्री हिंदी को जो दर्जा दिया जाना चाहिए , वह नहीं देंगे तब तक हिंदी भाषा को उचित सम्मान नहीं मिल सकेगा अतः इतना तो अनिवार्य करना ही चाहिए की जो भी लोकसभा चुनाव में जीत कर आये उसे हिंदी में बोलना लिखना आना जरूरी है जब एक किरानी की भरती के लिए एक न्यूनतम योग्यता की जरूरत है फिर देश को चलाने वाले नेता ऐसे अपवाद क्यूँ हैं? जो देश की राष्ट्रभाषा को ही नहीं जानते और ना ही उसका उपयोग करते हैं जिस लोकसभा सत्र को आज पूरा देश देखता है वहां जरूर हिंदी में ही संवाद कहना अनिवार्य होना चाहिए तभी जाकर हिंदी को उचित मान्यता पूरे देश में मिलेगी वैसे भी अंग्रेजी भाषा का ज्ञान अपने देश में १० प्रतिशत से ज्यादा लोगों को भी नहीं होगा . आपने एक प्रेरणा दायक आलेख लिखा है आपका धन्यवाद

के द्वारा: ashokkumardubey ashokkumardubey

के द्वारा: ushataneja ushataneja

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

सुन्दर प्रस्तुति के लिए साधुवाद मेरे जिस टुकड़े को दो पल की दूरी बहुत सताती थी जीवन के चौथेपन में अब ,बह सात समन्दर पार हुआ रिश्तें नातें -प्यार की बातें , इनकी परबाह कौन करें सब कुछ पैसा ले डूबा ,अब जाने क्या व्यवहार हुआ दिल में दर्द नहीं उठता है भूख गरीबी की बातों से धर्म देखिये कर्म देखिये सब कुछ तो ब्यापार हुआ मेरे प्यारे गुलशन को न जानें किसकी नजर लगी है युवा को अब काम नहीं है बचपन अब बीमार हुआ जाने कैसे ट्रेन्ड हो गए मम्मी पापा फ्रेंड हो गए शर्म हया और लाज ना जानें आज कहाँ दो चार हुआ ताई ताऊ , दादा दादी ,मौसा मौसी दूर हुएँ अब हम दो और हमारे दो का ये कैसा परिवार हुआ मदन मोहन सक्सेना

के द्वारा: Madan Mohan saxena Madan Mohan saxena

के द्वारा: ushataneja ushataneja

के द्वारा: ushataneja ushataneja




latest from jagran