मंथन- A Review

सफलता उसके पास आती है, जो साहस के साथ कार्य करते हैं। लेकिन जो परिणामों पर विचार करके ही भयभीत रहते हैं उनके पास कम आती है।

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घिसी पिटी राहों पे चलना मेरा शौक नहीं - कविता

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घिसी पिटी राहों पे चलना मेरा शौक नहीं

आशा वादी बनिए सफलता आपके अन्दर है-

घिसी पिटी राहों पे चलना मेरा शौक नहीं
चूहे बिल्ली की दौड़ दौड़ना मेरा शौक नहीं
जिस मंजिल पर लगी हों सब की निगाहें
उसे अपनी मंजिल बनाना मेरा शौक नहीं.

लोग कहते है-
काँटों पर चलकर नहीं देखा तो क्या देखा
अंगारों पर जलकर नहीं देखा तो क्या देखा
पर ए दुनिया वालों-
एक ही मंजिल पर भीड़ बढाने के लिए
बेवजह अपने पाँव दुखाना मेरा शौक नहीं.

जानती हूँ अपने शौक को, गर्व है अपने हुनर
लाख भागे दुनिया, हथियाने औरों का हुनर
मैं हूँ ऐसा पारस गुमनाम और छुपा हुआ
पत्थर को पत्थर समझना मेरा शौक नहीं.

जिस दिशा भी चली उसे ही राह बना लिया
जहाँ भी डाला डेरा मंजिल को वहीँ पा लिया
भटके भले ही दुनिया बेहतर की चाह में
पर जिंदगी भर भटकना मेरा शौक नहीं.

-उषा तनेजा ‘उत्सव’

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16 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Santlal Karun के द्वारा
September 25, 2013

आत्म-विश्लेषक, किन्तु तुकांत व्यंग्य कविता; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !… “जिस दिशा भी चली उसे ही राह बना लिया जहाँ भी डाला डेरा मंजिल को वहीँ पा लिया भटके भले ही दुनिया बेहतर की चाह में पर जिंदगी भर भटकना मेरा शौक नहीं.”

    ushataneja के द्वारा
    September 26, 2013

    आदरणीय संतलाल करुण जी, तहे दिल से आभार!

bhanuprakashsharma के द्वारा
September 22, 2013

सुंदर अभिव्यक्ति व कुछ नया करने को प्रेरित करती कविता के लिए आभार। 

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    आदरणीय bhanuprakashsharma जी, आपका हार्दिक शुक्रिया ।

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
September 20, 2013

मान्या उषा जी , सादर !… कुछ नया कर गुजरने की चाहत ही तो जिजीविषा का दूसरा नाम है ! बधाई !

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    सम्मानित Acharya Vijay Gunjan जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार ।

udayraj के द्वारा
September 19, 2013

भटके भले ही दुनिया बेहतर की चाह में पर जिंदगी भर भटकना मेरा शौक नहीं ************ मुक्तिबोध के शब्‍दों में बस यही कह सकता हूं - ’ ि‍लिक पर वे चले जिनके कदम दुर्बल एंव हारे है ।’

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    आदरणीय udayraj जी, प्रतिक्रिया देने के लिए सादर आभार ।

Madan Mohan saxena के द्वारा
September 18, 2013

सुंदर भावनायें और शब्द भी …बेह्तरीन अभिव्यक्ति …

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    आदरणीय मदन मोहन सक्सेना जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक शुक्रिया ।

jlsingh के द्वारा
September 18, 2013

सुन्दर भाव !

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    आदरणीय jlsingh जी, सादर आभार ।

Udai Shankar Srivastava के द्वारा
September 17, 2013

बहुत अच्छी सोंच की कविता है । परिस्कृत लेखन के लिये शुभकामनाएँ ।

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    आदरणीय उदय शंकर श्रीवास्तव जी, आपका हार्दिक धन्यवाद ।

Pradeep Kesarwani के द्वारा
September 17, 2013

आशा वादी बनिए सफलता आपके अन्दर है… अकेले केवल यह पंक्ति ही पूरी जिंदगी की कहानी कहती है…. मार्मिक रचना बधाई स्वीकारे….

    ushataneja के द्वारा
    September 24, 2013

    प्रदीप केसरवानी जी, प्रोत्साहन के लिए सादर आभार ।


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